क्या 3.7 किलो के बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है?HealthPlanet

Posted on Sat 22nd Oct 2022 : 13:12

अगर आप भी प्रेगनेंट हैं या आपकी डिलीवरी नजदीक है या आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जन्‍म के समय बच्‍चे का कितना वजन होना चाहिए।

​कितना होना चाहिए वेट

जन्‍म के समय शिशु का नॉर्मल वेट 2.5 से 3.5 किलो के बीच होना चाहिए। नौ महीने यानि फुल टर्म में पैदा हुए 80 पर्सेंट बच्‍चों का वजन इतना ही होता है।

इससे कम या ज्‍यादा वजन वाले बच्‍चे नॉर्मल होते हैं लेकिन डिलीवरी के बाद नर्स और डॉक्‍टर को बारीकी से यह देखना होता है कि इन बच्‍चों में कहीं कोई प्रॉब्‍लम तो नहीं है।

ऐसी कई चीजें हैं जो शिशु के वजन को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें प्रेग्‍नेंसी के महीने भी महत्‍वूपर्ण होते हैं। ड्यू डेट के आसपास या इसके बाद पैदा हुए बच्‍चों के इससे पहले पैदा होने वाले बच्‍चों की तुलना में साइज बड़ा ही देखा जाता है।


​कैसे बनता है शिशु का वजन

ऐसे कुछ कारक हैं जो शिशु के जन्‍म के समय के वजन को प्रभावित कर सकते हैं :

यदि बच्‍चा ड्यू डेट पर या इसके बाद पैदा होता है, तो उसका साइज बड़ा हो सकता है। इससे पहले पैदा होने वाले शिशु यानि प्रीटर्म बेबी छोटे हो सकते हैं।
अगर पिता लंबे हैं तो बच्‍चा भी उन पर जा सकता है। वहीं अगर पिता की हाइट कम है, तो जन्‍म के समय बच्‍चे की लंबाई भी छोटी हो सकती है।
जन्‍म के समय लड़कों की तुलना में लड़कियां थोड़ी छोटी होती हैं।
अगर मां को प्रेग्‍नेंसी के दौरान हाई ब्‍लड प्रेशर या हार्ट प्रॉब्‍लम रही है तो बच्‍चे का वजन कम हो सकता है। यदि आपको डायबिटीज या मोटापा है, तो बच्‍चे का साइज बड़ा हो सकता है।

​प्रीमैच्‍योर बेबी में क्‍या होता है

आमतौर पर प्रीमैच्‍योर बेबी छोटे होते हैं और बाकी नवजात शिशुओं से इनका वजन कम होता है। प्रीमैच्‍योर बेबी का वजन इस बात पर निर्भर करता है कि उसका जन्‍म कितनी जल्‍दी हुआ है। शिशु गर्भ में रह कर विकास करता है और अगर वो जल्‍दी पैदा हो जाए तो उसकी विकास के कुछ बिंदु छूट जाते हैं।

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